डिजिटल डेस्क सीधी। रीवा जिले के मढ़ीकला गांव से समोसा व टॉफी की लालच देकर दो बच्चों को अपहरण कर भाग रहे आरोपी को मझौली पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही अपहृत बच्चों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
जानकारी के मुताबिक आरोपी सौरभ सिंह पुत्र दिनेश सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी मढ़ी कला जिला रीवा हाल मुकाम टेटका तहसील व थाना व्योहारी जिला शहडोल द्वारा अपने पुस्तैनी गृह ग्राम से दो बच्चों क्रमश: उम्र 11 वर्ष व 9 वर्ष को जान पहचान के आधार पर समोसा एवं टॉफी खिलाकर घूमने का बहाना करके अपने मोटरसाइकिल में बैठाकर 20 सितंबर को सुबह फरार हो गया। जिसकी जानकारी कुछ समय बाद अपहृत बच्चों के माता-पिता को हुई जिनके द्वारा पुलिस को सूचना दी गई जहां पुलिस के माध्यम पूरे संभाग में सभी थाना एवं पुलिस चौकी को एलर्ट कर दिया गया। बताया गया है कि आरोपी का लोकेशन व्यौहारी एवं मझौली थाने के मध्य बताया गया जहां थाना प्रभारी मझौली एसके द्विवेदी अपने दल बल के साथ व्यौहारी रोड बनास नदी की पुल के पास घेराबंदी कर आरोपी को अपहृत नाबालिग बालकों के साथ पकड़ लिया। पुलिस बाइक के साथ आरोपी और अपहृत बालको को मझौली थाना ले आई है। बताया जाता है कि आरोपी अपहृत बालको के रिश्ते में चाचा लगता है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह कवक इतना जहरीला होता है कि इसे खाने से ऑर्गन फेल होने लगते हैं। इंसान के अंग कां करना बंद कर देते हैं और दिमाग को भी नुकसान पहुंचता है। इतना ही नहीं इस कवक को छूने मात्र से ही शरीर में सूजन हो सकती है। जेम्स कुक विश्वविद्यालय (जेसीयू) के शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह एकमात्र ऐसा कवक है, जिसका जहर त्वचा के जरिए अवशोषित हो सकता है। पोडोस्ट्रोमा कॉर्नू-डामा नामक इस जहरीले कवक को सबसे पहले चीन में साल 1895 में खोजा गया था। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस कवक को इंडोनेशिया और न्यू पापुआ गिनी में भी देखा गया है।
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